सनातन अर्थात हिन्दू धर्म में तीन देव प्रमुख हैं जिन्हें सृजन, पालक और संहारक कहते हैं | सृजन के देव ब्रह्मा है, पालक हैं विष्णु और महादेव हैं संहारक | हिन्दू पुराणों में ब्रह्मा जी का उल्लेख मिलता है जिसमे प्रारम्भ में ब्रह्मा जी के पांच मुख थे | पौराणिक कथानुसार ब्रह्मा जी का पांचवां मुख भगवान शंकर जी ने काट दिया था | ब्रह्मा जी के चारों मुख चारों दिशाओं में देखते हैं | धार्मिक कथानुसार चारों वेद ब्रह्मा जी के चारों मुख से निकले थे |
उत्पत्ति
यूँ तो तीनों देव अजन्मे है, फिर भी पुराणों में ब्रह्मा जी की उत्त्पति के विषय में बताया जाता है के ब्रह्मा जी विष्णु जी की नाभि से कमल के फूल पर प्रकट हुए थे | और अपनी आयु पूर्ण करने के बाद उनका विलय भी विष्णु जी में हो जायेगा | श्रीमद्भागवत के अनुसार ब्रह्मा जी का 51 वां वर्ष चल रहा है, 100 वर्ष आयु भगवान ब्रह्मा की बताई गई है। ब्रह्मा जी कुल आयु &ndash 72000000 (सात करोड़ बीस लाख) चतुर्युग बताई गई है | सरस्वती, ब्रह्मा जी की पत्नी है | ब्रह्मा के सर्वप्रथम 4 मानस पुत्र हुए जिन्हें सनकादिक ऋषि के नाम से जाना जाता है, तदोउपरांत उनके 10 ऋषि मानस पुत्र हुए | जिनके नाम क्रमशः अत्रि, अंगरिस, पुलस्त्य, मरीचि, पुलह, क्रतु, भृगु, वसिष्ठ, दक्ष, और नारद हैं। 
ब्रह्मा की के अवतार
विष्णुपुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार ब्रह्मा जी के सात अवतार हुए हैं | रामायण में प्रमुख पात्र रीछराज जामवंत भी ब्रह्मा के ही अंश हैं |