षटतिला एकादशी व्रत कथा: षटतिला एकादशी का व्रत सभी एकादशियों के व्रत में महत्वपूर्ण माना जाता इस एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु का पूजन तिल से करने का विधान है। इस दिन पूजन में तिल के 6 उपाय किए जाते हैं। इस कारण ही इस व्रत को षटतिला एकादशी कहा जाता है। ये व्रत माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन रखा जाता है। इस साल षटतिला एकादशी का व्रत 18 जनवरी , दिन बुधवार रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के पूजन का विधान है। षटतिला एकादशी के दिन पूजन में व्रत कथा का पाठ करना चाहिए। पूजन के अंत में भगवान विष्णु की आरती कर पारण के समय तिल का दान करें। ऐसा करने से भगवत कृपा की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ति होती है|
षटतिला एकादशी का महत्व:
पुराणों में बताया गया है कि जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और स्वर्ण दान से मिलता है, उससे अधिक फल एक मात्र षटतिला एकादशी करने से मिलता है। इस व्रत को करने से घर में सुख-शांति का वास होता है। मनुष्य को भौतिक सुख तो प्राप्त होता ही है, मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। इस दिन की गई पूजा का विशेष महत्व है। अतः हर मनुष्य को इस व्रत को करना चाहिए|
छ:प्रकार से करें तिल का प्रयोग:
षटतिला यानी तिलों के छह प्रकार के प्रयोग से युक्त एकादशी। इस एकादशी के दिन तिलों का प्रयोग छह प्रकार से किया जाता है। पहला तिल मिश्रित जल से स्नान, दूसरा तिल के तेल से मालिश, तीसरा तिल से हवन, चौथा तिल वाले पानी का सेवन, पांचवां तिल का दान और छठा तिल से बने पदार्थों का सेवन। इस प्रकार 6 प्रकार से तिल का प्रयोग करने से मनुष्य को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है|
षटतिला एकादशी की पूजा विधि:
नारदपुराण के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि से निवृत होकर भगवान विष्णु का ध्यान करे एवं सबसे पहले व्रत का संकल्प करें| तदोपरांत भगवान विष्णु की  मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद गंगाजल में तिल मिलाकर तस्वीर पर अर्पित करे और धूप-दीप कर घर में घट स्थापना करें। फिर विष्णु सहस्नाम का पाठ करें और उनकी आरती उतारें। इस दिन भगवान को तिल का भोग लगाएं। साथ ही तिलयुक्त फलाहार खिलाएं। इस दिन दान का भी विशेष महत्व है इसलिए तिल का दान करें। बताया जाता है कि माघ मास में जितना तिल का दान करेंगे उतने हजारों साल तक स्वर्ग में रहने का अवसर प्राप्त होगा।
विक्रम संवत् 2083
वरुथिनी एकादशी, वल्लभाचार्य जयंती
जलियाँवाला बाग स्मृति-दिवस
🔱 सोमवार, 13 अप्रैल 2026